local garbage and scrap collectors to rich and famous person एक कूड़ा बीनने वाले से आमिर बनने तक सफर

local garbage and scrap collectors to rich and famous person एक कूड़ा बीनने वाले से आमिर बनने तक सफर --

दोस्तों आज का कहानी है एक ऐसे आदमी के ऊपर जिन्होंने अपने क्रन्तिकारी विचारो से न सिर्फ अपना  ,बल्कि बीस हजार लोगो का जीवन बदल दिया।

motivation
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ये ऐसे लोगो मे से एक है जिनका मानना है दुनिया बदलने के लिये ज्यादा नहीं बस थोड़े काम की जरुरत होती है। इनका नाम है जय प्रकाश चौधरी जिनका जन्म बिहार के मुंगेर जिले में हुआ था।  ये नव भाई बहन थे और ये सबसे बढे थे। इनकी घर की आर्थिक स्थिति काफी ख़राब थी इनको पेट भरने के किये खाना तक नहीं मिल पाता था। ये जैसे ही हाई स्कूल पास किये इनको लगा की मैं अब आगे की पढाई नहीं कर पाउँगा। तो फिर इन्होने माँ से अनुमति ले कर जॉब की सिलसिले में दिल्ली निकल पढ़े।
अपने एक दोस्त के यहाँ जो कूड़ा बीनने का काम करता था। उसके साथ ये भी लग गए पूरा दिन कूड़ा बिनते और रात में दुकान पर काम करते।
इनका मानना था कोई काम छोटा नहीं होता बस कर्म छोटा या बढ़ा होता अगर कोई छोटे काम को भी बढे कर्म के साथ करे  तो वो काम बड़ा ही होता है।
अपने दोस्त के साथ काम करने के साथ जो पैसा बचता था उसको इकठा कर के उन्होंने 700 रूपये का एक साईकिल ख़रीदा और अपने काम को और आगे बढ़ाया। लेकिन उस जमाने में कूड़ा बीनने वालो को पुलिस वाले भी परेशान करते थे। इसके लिए उन्होंने कुछ कानून की किताब पढ़ी और कानून के धरा 14 और 21 को जाना उसके बाद पुलिस वालो के साथ लड़ाई भी की। उन्होंने कूड़ा बीनने के ट्रेनिंग और सुरक्षा और संघर्ष के लिए एक संगठन बनाया जिसका नाम है सफाई सेना , जो एक 20 हजार लोगो की संस्था , जिसके दवारा 20 हजार लोगो का पालन पोसन होता है और उनकी कंपनी लाखो रूपये का कारोबार करती है।

सारांश --


कुछ लोग छोटे काम से भी बङा काम कर सकते है।



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