how a shoemaker be a great indian mma fighter एक लड़का कैसे बना जूता चपल बेचने वाले से भारत का एक महान फाइटर

एक लड़का कैसे बना जूता चपल बेचने वाले से भारत का एक महान फाइटर how a shoemaker be a great indian mma fighter

नमस्कार दोस्तों कैसे हो अाप सब। हम आज बताने वाले है एक ऐसे वयति के कहानी जिसको सुनने के बाद आप के भी अंदर एक जूनून आ जायेगा कुछ करने की।
यह कहानी है चैतन्य गावली (chaitanya gavali) जिनका जन्म 11 /13 /1988  को मुंबई में हुआ था। 


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इनका बचपन काफी ही कष्ट पूरवक बिता ये तीन भाई थे और इनके पिता जी एक चपल जूते की दुकान चलते थे। कुछ समय बाद उनके  पिता का देहांत हो गया जिससे पूरा परिवार की जिम्मेदारी इनके कंधे पर आ गया।
ये बचपन में काफी मोटे थे उनके सभी दोस्त कॉलेज में उन्हें बहुत चिढ़ाते थे।
लेकिन इनका मन MMA(mixed martial art) में जयादा लगता था। उस समय यह खेल भारत में नहीं खेला जाता था और उनके घर वाले नहीं चाहते थे की वो एक फाइटर बने। इन्होने अपने घर वाली घर वालो से एक साल  का समाय माँगा और अपने माँ से अनुमति ले कर निकल पड़े एक fighter बनने।
उन्होंने काफी मेहनत किया उनके बस अपना ड्रीम ही दिखा रहा था। और एक साल बाद वो पूरी तरह से एक फाइटर बन गए। उन्होंने सबसे जयादा अपने मेहनत पर भरोसा किया।
उनका कहना था की  पछि यदि डाल पर बैठी है तो उसे डाल पर नहीं अपने पंखो पर विश्वास करना चाहिए क्यों की अगर डाल टूट बी जाय तो वो पंखो से उड़ सकती है। 
वो दो बार विस्वचैम्पियन  जीते।

सारांश

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जब एक लकड़ा छोटे से घर से उठ कर केवल अपने मेहनत के दम पर इतना बडा फाइटर बन सकता है तो कोई भी कुछ वि कर सकता है।
आप सब में वो आग कही न कही छिपा हुआ है आप भी बहुत कुछ कर सकते हो बस जरुरत है अपने मेहनत और जूनून के साथ खड़े होने की।

you can do any things
now its your time




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